अक्क महादेवी के बहाने एक मुक़म्मल किताब
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पुस्तक-समीक्षा
अक्क महादेवी के बहाने एक मुक़म्मल किताब
21वीं सदी में जिस प्रकार एक वृत के अंदर बंद हो कर रहना मनुष्य की नियति है, उसी प्रकार वृत के संकीर्ण घेरे से बाहर निकल जाना भी उसकी प्रकृति है। मनुष्य अपनी ज्ञानपिपासा में अपने उस वृत के…
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