सबलोग
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Jun- 2019 -7 Juneपर्यावरण
भारी तपिश में विलम्बित मॉनसून – राजकुमार कुम्भज
राजकुमार कुम्भज मॉनसून को लेकर भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी किया गया पूर्वानुमान आ चुका है। मौसम का पूर्वानुमान बताने वाली निजी कंपनी स्काईमेट का भी आकलन आ गया है। दोनों ने ही कहा है कि इस बार…
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7 Juneमुद्दा
नदी को दीन बनाते हम – गिरीश पंकज
गिरीश पंकज हम लोग अपनी-अपनी नदियों के प्रति कितने सजग हैं, इसका अनुमान नदियों की हालत देखकर ही लगाया सकता है। देश की अधिकांश नदियाँ प्रदूषण की मार झेल रही हैं। फिर चाहे उत्तर प्रदेश की गंगा हो,…
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6 Juneदेश
आम चुनाव 2024 – अरुण कुमार पासवान
अरुण कुमार पासवान आप को अटपटा तो नहीं लग रहा? शायद नहीं लग रहा होगा। आप हमसे कम समझदार थोड़े ही हैं? पर यदि आप को कोई हैरानी हो रही है तो हम आप को पप्पू कह सकते…
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5 Juneपर्यावरण
शहरी परिवहन में उपेक्षित पैदल यात्री और बढ़ता प्रदूषण – महेन्द्र यादव
महेन्द्र यादव बढ़ते शहरीकरण के दौर की यह सभ्यता पीछे गाँव की तरफ लौटेगी यह कहना असम्भव जैसा प्रतीत होता है| शहरीकरण की गति हर सरकार के दौर में तेज हुई है| शहरीकरण की होड़ में छोटे शहर…
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4 Juneदिल्ली
मेट्रो और बस में फ्री यात्रा मर्दवादियों को मिर्च लगी – स्वतंत्र मिश्र
स्वतंत्र मिश्र दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मेट्रो रेल और बस में महिलाओं को फ्री यात्रा की इजाज़त देने का यह कदम एक लोक कल्याणकारी राज्य की दृष्टि से बहुत अहम है। इसे इस तरह से देखना…
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3 Juneव्यंग्य
भारत छोड़ो इंडिया लाओ – वेद प्रकाश भारद्वाज
वेद प्रकाश भारद्वाज वह चूँकि अमरीकी है और अंग्रेजी में है तो ज़ाहिर है कि उस पर शक नहीं किया जा सकता। दो सौ साल की विदेशी गुलामी और 70 साल की स्वदेशी गुलामी का इतना असर तो…
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3 Juneनाटक
रानावि रंगमंडल की प्रस्तुति: ‘पहला सत्याग्रही’ – आशा
आशा इस वर्ष देश महात्मा गाँधी का 150वाँ जन्म वर्ष मना रहा है| इसी सिलसिले के विभिन्न आयोजनों में गाँधी-केन्द्रित नाटकों की श्रृंखला में देश-भर में सर्वाधिक प्रदर्शन ‘पहला सत्याग्रही’ के हो रहे हैं| रवीन्द्र त्रिपाठी लिखित और…
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2 Juneदेश
हिन्दी की हिन्दुत्ववादी आलोचना – डॉ. अमरनाथ
डॉ. अमरनाथ जिस प्रकार प्रगतिवादी आलोचना के विकास के पीछे मार्क्सवादी जीवन दर्शन है उसी तरह आधुनिक भारत में हिन्दुत्ववादी आलोचना का भी विकास हुआ है और उसके पीछे हिन्दुत्ववादी जीवन दर्शन है। इस दर्शन का वैचारिक स्रोत…
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May- 2019 -31 Mayमुद्दा
संसदीय राजनीति और क्रान्ति – आर डी आनंद
आर डी आनंद किसी भी संगठन के निर्माण के लिए कोई भी मनगढ़ंत तौर तरीका नहीं चलता है। सर्व प्रथम यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि संगठन का वर्ग-चरित्र, चिन्तन-प्रणाली और कार्य पद्धति क्या है। जन-गणतांत्रिक क्रान्ति के…
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31 Mayधर्म
साम्प्रदायिक सद्भाव : आशंका और आकांक्षा – अरुण तिवारी
अरुण तिवारी एक दिन मैने अपनी बेटी से उसकी क्लास में सबसे तेज़ दिमागदार लड़की का नाम पूछा। उसका जवाब था, ”नूर। वह मुसलमान है।” मैं सन्न रह गया। मैने उससे यह तो नहीं पूछा था कि उसका मज़हब क्या…
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