sanjoy roy
-
समाज
वर्चस्व और अस्मिता की राजनीति
तमाम अफ्रिकी, निग्रो, काले लोगों के दड़बेनुमा घरों के पास उन्हीं के बीच उन्हीं के जैसे एक काले, अफ्रिकी, निग्रो व्यक्ति को एक गोरा अमरीकी पोल से बाँधकर एक ऐसे कोड़े से पीट रहा है जिसके दूसरे सिरे पर…
Read More » -
आर्थिकी
वर्चस्व की अवधारणा ही बाजार का मेकानिजम है
बाजार दरअसल जरूरतों और वस्तुओं के बीच की एक जगह का नाम है। वास्तव में जरूरत की चीजों की आपूर्ति के लिए ही बाजार अस्तित्व में आया होगा। बाजार की वास्तविक धुरी लाभ नहीं; बल्कि लेन-देन, परस्पर सहयोग और…
Read More »
