indian women
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स्त्रीकाल
नारी स्वतंत्रता और ‘छिन्नमस्ता’
भारतीय समाज में अधिकांश स्त्रियाँ अपने व्यक्तिगत स्तर पर जिस दमन एवं शोषण को भोग रही हैं उसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। समाज के निर्माण में स्त्री और पुरुष दो परस्पर पूरक तत्व हैं, फिर समाज के संचालन…
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पर्यावरण
पर्यावरण और आधी आबादी
अमिता पर्यावरण मनुष्य के जीवन का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। मनुष्य प्रारम्भ से ही प्रकृति को पूजता रहा है क्योंकि मनुष्य प्रकृति पर पूरी तरह से निर्भर है। कहीं सुहागन अपनी सुहाग की लम्बी उम्र के लिए वट-सावित्री व्रत…
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शिक्षा
बालिका शिक्षा के प्रति सोच बदलने की जरूरत
कोरोना महामारी से लड़ने में डॉक्टर और नर्स से लेकर सभी स्तर के स्वास्थ्यकर्मी जिस प्रकार से अपना योगदान दे रहे हैं, उसे इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जायेगा। विशेषकर भारत में आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की कमी के बावजूद…
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स्त्रीकाल
स्त्री विमर्श के प्रचलित मिथ
स्त्री मुक्ति के सवाल तबतक अधूरे रहेंगे, जबतक कि उसे उस पारम्परिक छवि से मुक्त न किया जाये जिसे लक्ष्मण रेखा की तरह उसके अस्तित्व के चतुर्दिक खींच दी गयी है। संदर्भ जब स्त्री मुक्ति या स्त्री विमर्श का…
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अंतरराष्ट्रीय
ओ री चिरइया …
आमीर खान के लोकप्रिय धारावाहिक ‘सत्यमेव जयते’ के ‘ओ री चिरइया’ के रुला देने वाले गीत में सदियों के संस्कार सन्निहित हैं। युगों से पितृसत्ता की दहलीज पर स्त्री परायेपन के पंखों के साथ चिड़िया बनी ठिठकी खड़ी है।…
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देश
स्त्री अध्ययन पर सुनियोजित हमला: नेतृत्व पर सवाल
भर में विभिन्न विश्वविद्यालयों में लगभग दो सौ के आस-पास स्त्री अध्ययन विभाग/केंद्र आज नयी चुनौतियों से जूझ रहे हैं. अभी बमुश्किल चार दशक हुए हैं स्त्री अध्ययन का पहला सेंटर (1974) एसएनडीटी, मुम्बई में खुले हुए और अभी इस…
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