समाजशास्त्र के परे हैं समाज और लौट रहे लोग
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समाज
समाजशास्त्र के परे हैं समाज और लौट रहे लोग
ये लेख एक अतिश्योक्तिपूर्ण लगने वाली धारणा के साथ शुरू करूँ। भारत का समाजशास्त्र बीमार है, और ये विफल है लौट रहे लोगों को समझने में। सम्भवतः अंचलों में स्थित समाजशास्त्र के विद्यार्थी समझ पाएँ क्योंकि महानगरों में तो…
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