शिक्षा और शिक्षक के गिरते साख के बीच शिक्षक दिवस
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शिक्षा और शिक्षक के गिरते साख के बीच शिक्षक दिवस
डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने कहा था कि “शिक्षा शेरनी का दूध है जो इसे जितना ज्यादा पीएगा, वह उतना ज्यादा दहाड़ेगा।” लेकिन आज के समय, काल, परिस्थिति के मद्देनजर यह सबकुछ उल्टा प्रतीत हो रहा है, जो जितना शिक्षित…
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