वरिष्ठ पत्रकार श्री शिवअनुराग पटैरया
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शख्सियत
रचना, सृजन और संघर्ष से बनी थी पटैरया की शख्सियत
वे ही थे जो खिलखिलाकर मुक्त हंसी हंस सकते थे, खुद पर भी, दूसरों पर भी। भोपाल में उनका होना एक भरोसे और आश्वासन का होना था। ठेठ बुंदेलखंडी अंदाज उनसे कभी बिसराया नहीं गया। वे अपनी हनक,…
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