यौनिकता और समलैंगिकता
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पुस्तक-समीक्षा
स्त्रीवादी विमर्श की नई राहें: पितृसत्ता, यौनिकता और समलैंगिकता
स्त्रीवाद पर पठन-पाठन नया नहीं है, किन्तु हिन्दी जगत में अच्छे विमर्श प्रायः अपनी मूल भाषा में बहुत कम उपलब्ध रहे हैं। ऐसे में सुजाता जी की पुस्तक “पितृसत्ता, यौनिकता और समलैंगिकता” स्त्रीवादी विमर्श के विविध आयामों को समझने…
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