युवा चित्रकार मनीष पुष्कले
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विशेष
आंखें अभ्यस्त हो तो कला है!
21 वीं शताब्दी के इन शुरुआती वर्षों में अगर समकालीन भारतीय कला की बात करें तो सबसे पहले खुद पर शक का एक सवाल खड़ा होता है- “क्या हमने देखना और देखने पर संदेह करना कम कर दिया है?”…
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