माँ मुझे टैगोर बना दो
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तीसरी घंटी
एकल यानि एक और एक ग्यारह
नाटक की दुनिया में एकल कई नामों से जाना जाता है। बोलचाल की भाषा में कोई एकल को ‘एकांत’ कहता है तो कोई ‘मोनोलॉग’, । कोई इसके लिए ‘एकल अभिनय’ शब्द का प्रयोग करता हो कोई ‘मोनो एक्टिंग’। संस्कृत,…
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