नेताजी
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व्यंग्य
वे गम्भीरता से ले रहे हैं – वेद प्रकाश भारद्वाज
वेद प्रकाश भारद्वाज वैसे बात है कबीर की उलटबासी की तरह फिर भी कहानी पड़ रही है कि यह दिन जनता पर भारी हैं। चुनाव के जोश में जनता बेहोश नहीं है और न ही मतान्धता (मत+अंधता)…
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