आवश्यकता आविष्कार की जननी है
-
आर्थिकी
वर्चस्व की अवधारणा ही बाजार का मेकानिजम है
बाजार दरअसल जरूरतों और वस्तुओं के बीच की एक जगह का नाम है। वास्तव में जरूरत की चीजों की आपूर्ति के लिए ही बाजार अस्तित्व में आया होगा। बाजार की वास्तविक धुरी लाभ नहीं; बल्कि लेन-देन, परस्पर सहयोग और…
Read More »