पार्थ बनर्जी
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Jul- 2026 -30 JulyUncategorized
भयमुक्त भारत का अधूरा स्वप्न
रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने ऐसे भारत का स्वप्न देखा था, ‘जहाँ मन भयमुक्त हो और मस्तक ऊँचा रहे।’ महात्मा गाँधी ऐसे राष्ट्र की कल्पना करते थे, जहाँ सभी धर्म पारस्परिक सम्मान के साथ सह-अस्तित्व में रहें। जवाहरलाल नेहरू विज्ञान, विवेक और…
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