रामशरण जोशी
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Jul- 2026 -25 Julyलोकतंत्र
स्वरूप, संकट और विडम्बना
वर्तमान सदी का लगभग चौथाई भाग बीत चुका है। आज शायद विश्व में केवल कुछ ही देश ऐसे बचे हैं जो स्वयं को लोकतान्त्रिक नहीं कहते। भारत स्वयं को लोकतन्त्र की जननी बताता है, संयुक्त राज्य अमेरिका अपने को…
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