‘आदिवासी कथा आलोचना विशेषांक’
-
पुस्तक-समीक्षा
ताज़ा खिले गुलाब की पहली खुशबू सा ‘आदिवासी कथा आलोचना विशेषांक’
आदिवासियों को लेकर पहला जहन में जो ख्याल आता है वह सिनेमा में हमें दिखाए गए उनके स्वरूप को लेकर ही आता है। पेड़ों की पत्तियों को वस्त्र बनाना, पौधों के फूलों को गहना साथ ही अजीब-अजीब सी भाषा…
Read More »