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उत्तरप्रदेश

यूपी में बढ़े अपराधों ने नींद उड़ाई

 

रात में घर में सो रहीं तीन बहनों पर एसिड अटैक। तीनों बहनें घायल। बड़ी लड़की की दशा गम्भीर। चित्रकूट में लड़की से गैंगरेप, कोई भी मदद को सामने नहीं आया। चौथे दिन लाश मिली। उसके हाथ पैर बंधे थे। प्रतापगढ़ के कुंडा में लगातार छेड़खानी, डराने-धमकाने से आजिज लड़की ने कुएं में कूदकर खुदकुशी कर ली। हापुड़ में आटो सवार लड़की को आटो के ड्राइवर ने मौत के घाट उतार दिया। इतना ही नहीं, लड़की की लाश आटो में लिए ड्राइवर कई घंटे बेखौफ घूमता रहा। 

उत्तर प्रदेश में पिछले चौबीस घंटे में महिला अपराधों में बाढ़ आ गयी। महिला सुरक्षा से जुड़े ये चार मामले दिल दहला देने वाले हैं।

गोण्डा, प्रतापगढ़, हापुड़, चित्रकूट की घटनाओं ने जहाँ एक तरफ लोगों का दिल दहला दिया, वहीं दूसरी तरफ योगी सरकार के कानून व्यवस्था के बेहतरी के दावे और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ नारे की धज्जियाँ उड़ती दिखी। इन घटनाओं ने प्रशासन की नींद हराम कर दी। मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ ने आला अफसरों को तलब कर लिया और जमकर फटकार लगाई। मुख्यमन्त्री का तेवर देख अफसरों के पसीने छूटे। वे आनन फानन घटनास्थल की तरफ भागे। पीड़ित परिवार से मिलकर जानकारी जुटायी। पुलिस अफसर आरोपियों की तलाश में जुट गए। गोण्डा में कुछ घंटे बाद ही आशीष उर्फ छोटू नाम का आरोपी पुलिस के साथ काउंटर में पुलिस गोली की चपेट आ गया। उसके पैर में गोली लगी है। पुलिस कस्टडी में उसका  अस्पताल में इलाज चल रहा है। इन घटनाओं को लेकर मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ ने आला अफसरों के पेंच कसे तो उसका असर भी दिखा। अफसरों की सक्रियता से पुलिस को भी अचानक एक्शन में आना पड़ा।

 चित्रकूट में जिस पुलिस ने चौकी क्षेत्र के बाहर का मामला बताकर भुक्तभोगी परिवार को टरका दिया था, उसी मकहमे की पुलिस शासन का कड़ा रूख देखकर इतनी ज्यादा सक्रिय हो गयी कि दिन रात एक कर दिया। पता चला है कि घटना के बाद लड़की का पिता सरैया चौकी पहुंचा तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बताया जा रहा है कि वहाँ के चौकी इंचार्ज ने तहरीर तक न ली। उसे पन्द्रह किमी दूर कोतवाली जाने को कहकर मौके से भगा दिया।

 गोण्डा जिले के परसपुर क्षेत्र के पसका डीहा गाँव में 13 अक्टूबर की रात करीब डेढ़ बजे दलित गुरई की तीन लड़कियों पर तेजाब डाल दिया गया। भुक्तभोगी के अनुसार-घर के दूसरे मंजिल कमरे में तीनों लड़कियाँ सत्रह वर्षीय खुशबू, बारह वर्षीय कोमल और सात वर्षीय आंचल सो रही थीं, तभी उन पर तेजाब फेंककर हमला किया गया। घायल तीनों लड़कियों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। परिवार की सबसे बड़ी लड़की खुशबू की हालत गम्भीर है। उसका चेहरा खराब हो चुका है। खुशबू की शादी होने वाली थी। परिजनों के मुताबिक, लखनऊ में शादी का रिश्ता तय हो चुका है। 25 अक्टूबर को खुशबू की सगाई होनी थी। प्रतापगढ़ के कुंडा इलाके में रहने वाली लड़की से कई दिनों से लगातार छेड़खानी की जा रही थी। परिवार को डरा-धमका कर मारा पीटा भी गया। आखिरकार, 13 अक्टूबर को लड़की ने कुएं में कूदकर मौत को गले लगा लिया। इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है कि प्रदेश में आखिर क्यों अपराधी मनबढ़ होते जा रहे हैं और पुलिस अपना इकबाल कायम नहीं कर पा रही है। 

 उधर, महोबा जिले में पन्द्रह दिन पहले सस्पेंड किए जा चुके एसपी मणिलाल पाटीदार और थाना इंचार्ज देवेंद्र शुक्ल पर एक व्यापारी की हत्या की कोशिश और हत्या की साजिश करने के आरोप में इन दोनों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। महोबा के व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने पाँच सितम्बर को अपना एक वीडियो वायरल कर महोबा के एसपी पाटीदार पर आरोप लगाकर सनसनी फैला दी कि 6 लाख रूपए रिश्वत न देने पर उन्हें जान से मरवा देने की धमकी दी गयी है। वीडियो वायरल के दो दिन बाद इंद्रकांत को गोली मार दी गयी। गर्दन में गोली लगी। व्यापारी इंद्रकांत की दशा अभी भी गम्भीर है। कानपुर के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। एसपी पाटीदार को नौ अक्टूबर को सरकार ने सस्पेंड कर दिया था। 13 अक्टूबर को देर रात उनके खिलाफ हत्या का प्रयास और हत्या की साजिश करने के आरोप में मुकदमा दर्ज हो गया है। पाटीदार के अलावा महोबा के करबई थाना इंचार्ज देवेंद्र समेत दो अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज है। उत्तर प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार बढ़ा है। इस पर अकुंश कब और कैसे लग सकता है, यह अहम सवाल है, पर दुर्भाग्य यह है कि ऐसे मामले में सार्थक रणनीति नहीं बनाई जा रही है। सरकार और विपक्ष दो खेमे में बंटकर आरोप-प्रत्यारोप, बचाव-घेराबन्दी वाली शब्दों की जुगाली करते देखे जा रहे हैं, भुक्तभोगी के आंसू पोंछने के पीछे भी सियासत का गुणा-गणित ज्यादा दिख रहा है।    

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