Category: स्मृति शेष

स्मृति शेष

पण्डित राजन मिश्र का जाना…

काशी विश्व की प्राचीनतम नगरी है, इसलिए इसकी संस्कृति भी बहुत पुरानी है। बनारस की सांगीतिक परम्परा पर देश और दुनिया के लोग गर्व करते हैं। बनारस के संगीत की परम्परा में पण्डित राजन और साजन मिश्र महत्वपूर्ण नाम थे। 400 साल की पारिवारिक परम्परा को आगे बढ़ाते हुए इन दोनों भाइयों ने शास्त्रीय संगीत को लोकप्रिय बनाया। बनारस घराने में जन्मे पंडित राजन और पंडित साजन मिश्रा को संगीत की शिक्षा उनके दादा जी पंडित बड़े राम जी मिश्रा और पिता पंडित हनुमान मिश्रा ने ही दी।

साजन जी का विवाह पंडित बिरजू महाराज की पुत्री- ‘कविता’ से हुआ था और राजन जी का विवाह पंडित दामोदर मिश्र की पुत्री- ‘बीना’ से हुआ था ! आज राजन जी के सुपुत्र – रितेश और रजनीश भी सफल गायक के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं ! साजन जी का पुत्र – ‘स्वरांश’ भी निरंतर संगीत साधना में रत है !

पंडित राजन मिश्रा का कोरोना के कारण रविवार 25 अप्रैल 2021 को निधन हो गया। उन्होंने 70 वर्ष की उम्र में दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली।

प्रसिद्ध रंगकर्मी और फिल्मकार श्री गौतम चटर्जी ने पण्डित राजन मिश्र पर 15 मिनट की एक फिल्म बनायी है। इसे देखा जाना चाहिए।

सबलोग की तरफ से महान कलाकार को श्रद्धांजलि।

.

04Jan
स्मृति शेष

हिन्दी के अजब दीवाने थे बाबू अयोध्याप्रसाद खत्री

आमतौर पर खड़ी बोली हिन्दी का जनक भारतेंदु हरिश्चंद्र को ही समझा जाता है।...

30Jun
स्मृति शेष

चितरंजन भाई हमेशा हमारे बीच जिन्दा रहेंगे

  मोहन सिंह   कन्धे पर लटकता झोला, गले में गमछा, कुछ ज्यादा ही पकी छोटी-छोटी...

10Jul
शख्सियतस्मृति शेष

डॉ. मिथिलेश कांति : होना एक शिक्षक का – मणीन्द्र नाथ ठाकुर

  मणीन्द्र नाथ ठाकुर    बहुत से लोग जानते हैं कि बिहार-झारखंड का एक प्रसिद्ध...