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शहर-शहर से

नीलांबर का कविता जंक्शन संपन्न

 

  • ममता पाण्डेय

कोलकाता, 12 अक्टूबर 2019

साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था नीलांबर कोलकाता ने सागर रेलवे ऑफिसर्स क्लब में कविता जंक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस वर्ष की साहित्यिक सांस्कृतिक गतिविधियों के क्रम में संस्था का यह आयोजन था। संस्था के सचिव ऋतेश पांडेय ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम के शुरुआत में नीलांबर द्वारा कवि विनोद कुमार शुक्ल और कृष्ण कल्पित की कविताओं पर तैयार वीडियो फिल्म दिखाई गई। इस कविता जंक्शन में शैलेंद्र शांत, निर्मला तोदी, देवेंद्र कुमार देवेश, संदीप प्रसाद, घुंघरू परमार, सीमा शर्मा, अमिय प्रसून मल्लिक, मंटू कुमार साव, देवज्योति लाहिड़ी, नीता अनामिका, रचना सरण, अनुपमा झा और रूपल साव ने अपनी कविताओं का पाठ किया। निर्मला तोदी ने कहा कि लिखना-पढना जरूरी है।एक दूसरे से जुड़ने पर हम कुछ न कुछ जरूर सीखते हैं।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं साहित्य अकादमी के क्षेत्रीय सचिव देवेंद्र कुमार देवेश ने इस अवसर पर कहा कि दूसरों की कविता सुनना जरूरी है क्योंकि जो दूसरों की कविता नहीं सुनता वो खुद की भी कविता को नहीं सुनता।अनुकरण मौलिक पहचान नहीं बनाता अत: प्रस्तुति में नयापन होना चाहिए। । कवि एवं आलोचक नीलकमल ने कविता पर अपनी आलोचनात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि कविताओं को सुनने से ज्यादा पढने में आनंद है।कविता का विज्ञान से अनिवार्य विरोध नहीं है।नए कवियों को कविता की रचना प्रक्रिया को जानने के लिए मुक्तिबोध की ‘एक साहित्यिक की डायरी’ को जरूर पढना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शैलेन्द्र शांत ने कहा कि कविता नाइंसाफी के खिलाफ एक जंग है। कार्यक्रम का संचालन स्मिता गोयल ने किया और धन्यवाद ज्ञापन किया संस्था के उपसचिव आनंद गुप्ता ने। इस अवसर पर कोलकाता के अनेक साहित्यप्रेमी उपस्थित थे।

 

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