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साक्षात्कार

आजादी के बाद की ये पहली सरकार है जो कि किसानों के लिए काम कर रही है – विरेन्द्र सिंह मस्त

 

  • अनुराग मिश्रा

 

एक किसान ही किसान की भाषा समझ सकता है। उसे किस चीज की जरूरत है उसके पास क्या कमी है? खेती में उसे कौन सी समस्या आ रही है, सरकार तक उसकी बात कैसे पहुंचें अगर सरकार में एक ठेठ किसान हो तो वो किसानों की सारी समस्याओं को सरकार तक किसान की भाषा में पहुंचाएगा। आज सरकार में भाजपा किसान संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष और बलिया के सासंद विरेंद्र सिंह (मस्त) किसानों की ओर किसानों की बातों को सरकार तक पहुँचा रहे हैं, आज हमारी खास मुलाकात उन्ही के साथ है।

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प्रश्न- आप कि सरकार की ओर से किसानों के लिए वो कौन-कौन से कदम उठाए जा रहे है जिनसे उन्हे लाभ मिले और आपने बलिया के किसानों के लिए क्या कदम उठाए?

उत्तर- केन्द्र सरकार की ओर से विभिन्न योजनाएं किसानों के लिए लाई गई है, मेरे सुझाव पर भी कुछ योजनाए बनीं है मैं पहले उन पर कार्य कर रहा हूं।गांव और किसान का विकास अगर नहीं होगा तो देश का भी विकास नहीं हो सकता। हमारी सरकार की किसानों के लिए सबसे बड़ी योजना किसान सम्मान निधि योजना जिसके अन्तर्गत किसानों के खाते में सीधे 6000 भेजे जा रहे है। अपने संसदीय क्षेत्र में मैने सभी बड़े अधिकारियों के साथ मिलकर ब्लाक स्तर पर 29 दिन तक इस योजना पर कार्य किया। मुझे बहुत खुशी है की मेरे इस प्रयास से 7लाख 17हजार किसानों के खाते में पैसा पहुंच चुका है। मुझे अभी किसानों की 60 साल के बाद मिलने वाली पेंशन के लिए अभियान चलाना है, किसानों के योजनाओं और कृषि संबंधित जानकारी को किसानों तक पहुंचानें के लिए किसान संवाद का आयोजन सभी ब्लाक स्तर पर किया जा रहा है जिससे सभी को समूची जानकारी मिल सके। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के कृषि अधिकारी किसान संवाद में किसानो को वो सभी जानकारी मुहैया कराते है जो उनसे जुड़ी है

प्रश्न- किसान और सरकार के बीच की दूरी आपके अगुवाई में कितनी कम होगी और सरकार में किसानों की भागीदारी कितनी बढ़ेगी।

उत्तर- आजादी के बाद की ये पहली सरकार है जो कि किसानों के लिए काम कर रही है, अभी मैने सरकार को गेहूं, दलहन, और तिलहन के खरीद भाव बढ़ाने के सुझाव दिया था, सरकार ने इस पर काम किया और इनके खरीद भाव में बढ़ोत्तरी की गई है। ये किसानों को कदम-कदम पर लाभ पहुंचाने की कोशिश है। सरकार की ओऱ से जल संरक्षण का काम खेतों के समतलीकरण का काम जो की मनरेगा के तहत कराए जा रहे है। देश में 72 फिसदी हिस्सेदारी किसानों की ये हमारी सरकार ने समझा है और किसानों की सभी योजनाओं का लाभ को उन तक पहुंचानें कि पूरी कोशिश में लगी है  किसानों के लिए बजट बढ़ाया गया है और विभिन्न योजनाओं के तहत उन्हे लाभ पहुंचा रही है। हमारी सरकार की कोशिश किसानों को सीधे लाभ पहुंचाना है जिसका उदाहरण किसान सम्मान निधि योजना है ।

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प्रश्न- छोटे किसान जो कि लगान पर खेत लेकर खेती करते है उन्हे अपना अनाज सरकार को बचने में काफी परेशानी होती है कागजी कार्यवाही से गुजरना पड़ता है ।

उत्तर- सभी किसानों के लिए योजना बना दी गई है कहीं कोई कागजी कार्रवाई  की बात नहीं है। जो ठेके पर भी खेती करते है वो अपना अनाज खरीद केन्द्र पर ले जा कर बेचते है

प्रश्न- आपके बारे में एक वाकया बहुत ही प्रसिद्ध हुआ था कि आपको अमेरिका जाना था, पर आपको अपनी पगड़ी उतारने के लिए कहा गया और आपने वहां जाने से मना कर दिया।

उत्तर- मुझे वहां जाना नहीं था, मुझे वहां के 10 विश्वविद्यालयों में मुझे संबोधित करने के लिए बुलाया गया था, संसद में मैने एक बार संयुक्त परिवार और किसानों के आर्थिक समृद्धिकरण पर भाषण दिया था जिसे अमेरिकी दूतावास के लोगों ने सुना और मुझे निमंत्रित किया इस विषय पर संबोधन के लिए बुलाया गया था।

वीजा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब में अमेरिकी दूतावास में गया तो वहां पर कहा गया की आपकों अपनी पगड़ी उतारनी पड़ेगी। पगड़ी मेरे सम्मान से जुड़ी थी , मैने पगड़ी उतारने से साफ मना कर दिया ।

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प्रश्न- आप एक पहलवान रहे है आप उत्तर प्रदेश से है , लेकिन आज के समय में जितने भी राष्ट्रीय स्तर के पहलवान है वो हरियाणा से ही निकल कर आ रहे उत्तर प्रदेश नहीं।

उत्तर- उत्तर प्रदेश हरियाणा से बड़ा राज्य है। राज्य सरकार अभी खेल को बढ़ावा देने की कोशिश की है खास कर कुश्ती के लिए, जहाँ-जहाँ भी व्यायमशाला-अखाड़ा निष्क्रीय हो चुके है  राज्य सरकार उन्हें दुबारा शुरू कर रही है आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रही है। इसके लिए उत्तर प्रदेश की कैबिनेट ने एक फैसला भी किया है।

प्रश्न- आपका नाम विरेन्द्र सिंह है पर मस्त की उपाधि किसने दी।

उत्तर- उपाधि किसी ने नहीं दी ये मेरा उपनाम है , मेरे पिता जी बताते थे कि हमारे  यहां के सुप्रसिद्ध संत श्री मुनिश्वारानंनद महाराज(खपड़िया बाबा) के आशिर्वाद से मेरा जन्म हुआ. और उन्ही ने मेरा नाम मस्तराम रख दिया जो कि आगे चलकर मस्त  के नाम से प्रसिद्ध हो गया।

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प्रश्न- राष्ट्रीय स्तर पर जिस तरह भाजपा ने 2019 में 2014 के आकड़े को भी पार कर देश में चारों ओर अपना परचम लहराया इसकी मुख्य वजह आप क्या मानते है ?

उत्तर- पहली बार देश के किसानों ने समझा है कि कोई सरकार हमारे पक्ष में काम कर रही है, और पहली बार राजनीतिक दलों को लगा है ये देश किसानों का है । 2019 का चुनाव किसान केन्द्रित चुनाव था। पहली बार इस देश में किसानों पर बहस हुई है और किसान केन्द्रित राजनीति खड़ी हुई है। और किसानों ने बीजेपी और नरेन्द्र भाई मोदी को चुनकर सरकार बनाया है।

प्रश्न- जम्मू-कश्मीर से धारा 370 और 35A का हटना सरकार की बड़ी उपलब्धी मानी जा रही है । अभी तक ये माना जा रहा था की ये वहां के लिए जरूरी है । आप इस पर क्या कहेंगे।

उत्तर- जनसंघ के समय से हमारे संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जब कश्मीर के सवाल पर उनका बलिदान हुआ। उसी समय से हमारी पार्टी की 370 और 35A हटाने सोच रही और उसी का ये नतीजा है। इसके लिए मैं अपने गृहमंत्री अमित शाह को बधाई देता हूं और उनके अद्भुत साहस की प्रशंसा करता हूं। सरदार पटेल के बाद देश को ऐसा गृहमंत्री मिला जिसने 370 और 35A को हटा कर दिखा दिया, की जो मैं कहता हूं वो करता हूं और वो दिखता है।

सबलोग से बात करने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद ।

 

 anurag mishra

लेखक पत्रकार हैं|

सम्पर्क- +918447204005, anurag6919@gmail.com   

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