Category: राज्य

उत्तरप्रदेश

इंसाफ की गुहार लगाती पीड़िता

 

उत्तरप्रदेश के हाथरस जिले से दोबारा दिल दहलाने वाली घटना सामने आई हैं। जहाँ एक छेड़छाड़ की शिकार बेटी के पिता को दिनदहाड़े गोली मार हत्या कर दी। इस घटना से अनुमान लगाया जा सकता है कि अपराधियों के मन में पुलिस और कानून का कोई भी भय नहीं है। 

दरअसल, मृतक ने 16 जुलाई 2018 को अभियुक्त गौरव के ख़िलाफ़ घर में घुसकर बेटी से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली सासनी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में गौरव को पन्द्रह दिन की जेल भी हुई थी। लेकिन जेल से रिहा होने के बाद से ही गौरव लगातार मुक़दमे को वापस लेने के लिए परिवार पर दबाव बना रहा था, लेकिन पीड़िता के पिता ने मुक़दमा वापस लेने से इनकार कर दिया था। अंततः आरोपी ने पीड़िता के पिता को खेत में जाकर देर शाम दस राउंड गोलियां चलाकर उनकी निर्मम हत्या कर दी। 

इंसाफ की गुहार लगाती बेटी का विडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि बेटी रोते – बिलकते अपने पिता के हत्यारें को फांसी की सजा देने की मांग कर रही है और एक दूसरे वीडियो में बेटी अपने पिता की अर्थी को कंधा दे रही हैं। जिस बेटी को पिता ने बजपन में अपनी गोद में खिलाया और कंधों पर बैठाकर के घुमाया। आज उसी बेटी को अपने पिता की अर्थी को कंधा देना पड़ा। उस बेटी पर क्या बितती होगी। इस बात का अंदाजा लगाना आसान नहीं हैं।

इस घटना से उत्तरप्रदेश सरकार और पुलिस पर भी सवाल उठा रहे है। जों दावा करती है कि अपराधियों के प्रति सख्त एक्शन लिया जाता है और कोई भी  अपराधी  दोबारा अपराध करने के बारे में सोच भी नहीं सकता है। लेकिन इस घटना ने तमाम दावों की पोल खोल दी हैं ।

दरअसल, आरोपी 15 दिनों तक जेल की सजा भी काट चुका था। उसके बावजूद भी सबक नहीं सीखा और परिवार को केस वापस लेने के लिए दबाव बनाता रहा। घटना को अंजाम देने के बाद से ही मुख्य आरोपी गौरव फरार है जिसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हालांकि, पुलिस ने इस घटना से जुड़े एक नामज़द अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया है।

राष्ट्रीय मीडिया में खबर होने की वजह से सरकार ने सभी छह अभियुक्तों के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत कार्रवाई करने के आदेश दे दिए हैं। इस तरह की घटना किसी भी बेटी व परिवार के साथ न हों, इसके लिए जरुरी है कि इस घटना से जुड़े सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कठोर कारवाई की जानी चाहिए। ताकि आने वाले वक्त में कानून द्वारा की गयी कारवाई नजीर बनें।

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