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नये साल में शुरू होगा दिल्ली टू मुंबई एक्सप्रेस-वे का काम

sablog.in डेस्क/

हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरा त राज्यों की हजारों एकड़ में से करीब 900 किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग 148 एन दिल्ली – मुंबई एक्सप्रैस वे पर काम 2019 की शुरुआत में ही निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। अच्छी खबर यह है कि देश के सबसे बेहतरीन मार्गों में एक उपरोक्त मार्ग का काम शुरू होने के दिन से महज 2 वर्षों में बनकर तैयार हो जायेगा। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया की देखरेख में यह मार्ग बनाया जायेगा। भारत माला परियोजना के तहत मोदी सरकार की देशभर के लोगों के लिए यह बड़ी सौगात होगी। खास बात यह है कि देश के सबसे पिछड़े नूंह (मेवात) जिले के तीन खंडों नूंह, नगीना, फिरोजपुर झिरका के करीब 47 गांवों के बीच से यह मार्ग निकलेगा। हरियाणा के 3 जिले, राजस्थान के 7 जिले, मध्यप्रदेश के 3 जिले, गुजरात के 3 जिलों सहित कुल 16 जिलों के किसानों की भूमि का अधिग्रहण इस मार्ग के लिए किया गया है। इसी माह के अंत तक किसानों को मुआवजा वितरण करने की पूरी तैयारी है। देश का यह बेहतरीन मार्ग आठ लेन का बनाया जायेगा, जो करीब 100 मीटर चौड़ा होगा।

मेवात में कहां से जुड़ेगा , कहां होगा समाप्त

नूंह ( मेवात ) जिले में 12.4 किलोमीटर दूरी पर भिरावटी गांव से दिल्ली की तरफ से जुड़ेगा और कोलगांव फिरोजपुर झिरका में 79 किलोमीटर दूरी पर सीमा समाप्त होकर राजस्थान प्रदेश में प्रवेश कर जायेगा। इस मार्ग पर अभी महज दो उतार – चढ़ाव का प्रावधान किया गया है। फिरोजपुर झिरका – बीवां मार्ग पर करीब 65 किलोमीटर की दूरी पर तथा केएमपी मार्ग पर 19.5 किलोमीटर दूरी पर कट दिया गया है। बड़कली – होडल तथा नूंह – होडल दो मुख्य मार्गों पर अभी उतार चढ़ाव नहीं दिया गया है, लेकिन राज्य मंत्री रहीस खान ने केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है। इसके अलावा जिला राजस्व अधिकारी नूंह बस्तीराम से भी लोगों ने उपरोक्त दोनों मार्गों पर कट दिए जाने की मांग की है।

 

सैकड़ों किसानों को हजारों करोड़ मुआवजा मिलने से आ सकती है खुशहाली

नीति आयोग की रिपोर्ट में देश के सबसे पिछड़े जिले नूंह के करीब 47 गांव के सैकड़ों किसानों की भूमि का अधिग्रहण दिल्ली – मुंबई एक्सप्रैस वे के लिए किया गया है। हजारों करोड़ रुपये का मुआवजा किसानों को मिलने वाला है। बड़ी धनराशि किसानों के पास आने के बाद शिक्षा , स्वास्थ्य से लेकर रहन – सहन पर बड़ी राशि खर्च होगी। जिससे नूंह जिले का पिछड़ापन कुछ हद तक दूर होने से इंकार नहीं किया जा सकता। सबसे खास बात यह रहेगी कि धनराशि सही दिशा में खर्च की जाये वर्ना कुछ साल बाद भूखमरी तक की नौबत भी आ सकती है।

कब और कहां होगा रिवार्ड

डीआरओ बस्तीराम ने बताया कि आगामी 18 दिसंबर को नूंह तहसील के किसानों को रिवार्ड लघु सचिवालय की दूसरी मंजिल पर सुनाया जायेगा। लिहाजा संबंधित किसान भाग लेकर मुआवजा कितना मिलेगा , इसकी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद आगामी 19 दिसंबर को लोक निर्माण विश्राम गृह फिरोजपुर झिरका में फिरोजपुर झिरका तहसील के किसानों का रिवार्ड सुनाया जायेगा। आगामी 20 दिसंबर को नगीना तहसील के किसानों को तहसील प्रांगण में रिवार्ड सुनाया जायेगा। तीनों स्थानों में सुबह 11 बजे किसान मुआवजा संबंधी जानकारी लेने के लिए शामिल हो सकते हैं। आपको बता दें कि नूंह तहसील के 15 गांव , फिरोजपुर झिरका तहसील के 20 गांव , नगीना सब तहसील के 12 गांव सहित कुल 47 गांव शामिल किये गए हैं।
क्या कहते हैं जिला राजस्व अधिकारी

जिला राजस्व अधिकारी बस्तीराम ने बताया कि रिवॉर्ड की तारीखों का एलान कर दिया गया है। रिवॉर्ड सुनाने के चंद दिन बाद मुआवजा वितरण का काम शुरू होगा। एनएचएआई के अधिकारी जल्द से जल्द इस मार्ग पर कार्य शुरू करवाना चाहते हैं। राजस्व विभाग भी पूरी तरह तैयार है। मकान , प्लॉट , टयूबवैल , वृक्ष इत्यादि का मुआवजा अलग से आंकलन करने के बाद दिया जायेगा। वन विभाग , लोक निर्माण विभाग , सिंचाई विभाग सहित तमाम संबंधित विभागों ने अपनी -अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है।
क्या कहते हैं एनएचएआई अधिकारी

एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुरेश कुमार का कहना है कि नववर्ष के जनवरी माह में ही एनएच 148 एन पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जायेगा। रिवॉर्ड होते ही एनएचएआई जल्द ही राजस्व विभाग को मुआवजा राशि खाते में डलवा देगी। जिसके बाद किसानों को मुआवजा वितरण होते ही काम शुरू करा दिया जायेगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
क्या कहते हैं राज्य मंत्री

राज्य मंत्री रहीस खान ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर मांग की है कि बड़कली – होडल मार्ग तथा नूंह – होडल मार्ग पर भी कट दिया जाये। उपरोक्त दोनों मार्ग जिले के मुख्य और व्यस्त मार्ग हैं। रहीस खान ने कहा कि जरुरत पड़ी तो सीएम मनोहर लाल तथा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से जल्द ही मार्ग में कट दिए जाने की मांग को लेकर मुलाकात की जा सकती है।

किन-किन गांवों की भूमि का अधिग्रहण?

एनएच 148 एन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे में नूंह तहसील के भिरावटी, हिलालपुर, कालियाका , उलेटा, हसनपुर सोहना, खलीलपुर, कुर्थला, गोलपुरी, नौसेरा, जयसिंहपुर, कलिंजर, संगेल, प्रतापनगर, बझेड़ा, देवला नंगली शामिल हैं। नगीना सब तहसील के रीठठ, उमरी, सुखपुरी, रनियाला पटाकपुर, ढाढोली कला, ढाढोला, खानपुर घाटी, मरोड़ा, झिमरावट, बसई खानजादा, खेड़ली कलां, गुर्जर नंगला गांव को शामिल किया गया है। ठीक इसी तरह फिरोजपुर झिरका तहसील के बाईखेड़ा, महूं, चितौड़ा, नहारिका, रवा, बघौला, हिरवाड़ी-बावनठेड़ी, अलीपुर तिघरा, घाटा शमशाबाद, अखनाका, पथराली, शाहपुर, खेड़ला कला, भाकडोजी, बेरियाबास, इब्राहिम बास, सायमिरबास, कोलगांव, रीगड़, अगोन गांव के किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है।

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लोक चेतना का राष्ट्रीय मासिक सम्पादक- किशन कालजयी

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