देश

प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की कार्यप्रणाली सत्ताभाव न होकर सेवा भाव पर केन्द्रित है

 

  • डॉ कामिनी वर्मा

 

भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन में युगांतकारी परिवर्तन लाने की भूमिका का निर्वहन करने वाले महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित, देश के कर्मठ, यशस्वी, उर्जावान प्रधानमन्त्री माननीय नरेन्द्र मोदी से राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रत्यक्ष होने का स्वर्णिम अवसर मिला। दृढ़प्रतिज्ञ, प्रखर वक्ता, लुभावन शैली के व्याख्याता, माननीय मोदी जी को लगातार द्वितीय बार देश के नेतृत्व की कमान हाथ मे लेने तथा जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 एवं 35ए के दायरे को कानून बनाकर सीमित करने के लिए अन्तःकरण से कोटिशःबधाई व शुभकामनाएं। आपके कुशल नेतृत्व व दिशा निर्देशन में देश पुनः जगत गुरु की उपाधि से सुशोभित होगा ऐसी हम सब देशवासियों की कामना है।
बहुमुखी प्रतिभा के धनी, विकास पुरुष की संज्ञा से अभिहित 17 सितंबर 1950 को श्री दामोदर दास मूलचंद मोदी और श्रीमति हीराबेन के आंगन में अवतरित होकर न सिर्फ गुजरात, अपितु सम्पूर्ण भारत भूमि को गौरवान्वित किया। गुजराती व हिन्दी भाषा में कविता रचने में निपुण, प्रख्यात विद्वान, भारत मे सर्वाधिक नेट प्रयोक्ता नेता है । आप ट्विटर और गूगल प्लस हेश आउट का प्रभावशाली ढंग से प्रयोग करते है।


7 अक्टूबर से 2001 से 22 मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमन्त्री के रूप में सुदीर्घ काल तक सफलतापूर्वक नेतृत्व करने के पश्चात 2014 में देश के नेतृत्व की बागडोर संभाली । 2019के आम चुनाव में प्रचंड बहुमत प्राप्त करने वाले, जमीनी स्तर से ऊपर उठकर देश को एकजुट करने वाले, आकर्षक छवि युक्त, करिश्माई व्यक्तित्त्व के धनी, बौद्धिक नेतृत्वकर्ता हैं। 2019 के आम लोकसभा चुनाव में मोदी जी की जीत को देखते हुए टाइम्स पत्रिका ने देश को एक सूत्र में पिरोने वाला देश का प्रधानमन्त्री बताया है। लंदन स्थित मीडिया संस्थान इंक ग्रुप के संस्थापक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज लाडवा का कथन है देश को एक सूत्र में बांधने का कार्य पिछले पांच दशक में कोई प्रधानमन्त्री नहीं कर सका । इन्होंने वर्ग विभाजन की बाधा को दूर कर दिया । 2015 में फोर्ब्स पत्रिका ने मोदी जी को विश्व में सबसे शक्तिशाली व्यक्ति के रूप में नवां स्थान प्रदान किया।
सम्पूर्ण वसुधा को कुटुम्ब के रूप में देखते हुए मोदी जी ने वसुधैव कुटुम्बकम की भावना का विकास करने के लिए विदेश नीति को व्यक्तिगत रूपसे निर्देशित किया ।
नरेन्द्र मोदी की विदेश नीति मोदी सिद्धांत के नाम से जानी जाती है। वर्ष 2014 में देश की कमान संभालते ही उन्होंने अन्य देशों से विशेषकर पड़ोसियों से समन्वयवादी नीति अपनाकर आपसी सम्बन्धों को सुदृढ़ करना आरम्भ किया। आतंकवाद की दिशा में जीरो टॉलरेन्स की नीति व सामरिक क्षेत्र में पहले आक्रमण न करने की नीति अपनाकर वसुधैव कुटुम्बकम की परम्परा व सद्भावना को प्रसारित किया गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ परमाणु संधि, रक्षा सौदे, फ़ूड सब्सीडी व जलवायु आदि विषयों पर शिखर वार्ता करके भारत अमेरिका में आई शुष्कता को दूर कर कश्मीर के संदर्भ में अनुच्छेद 370 एवं 35 ए निष्प्रभावी करने के बाद सम्पूर्ण विश्व को अपने पक्ष में किया।


चीन यात्रा करके सीमा विवाद पर स्पष्ट शब्दों में बातचीत की और आर्थिक सहभागिता की भी वकालत की। नेपाल, पाकिस्तान, बांग्ला देश, श्रीलंका, म्यांमार, वियतनाम, जापान, दक्षिण कोरिया, मंगोलिया, फ्रांस, इस्राइल के साथ आर्थिक व सुरक्षा समझौतों को सुदृढ़ करने के लिए यात्रा की। अमेरिका, रूस, चीन, भारत के कारोबारी सहयोगी देशों की श्रेणी में शामिल हो गए हैं। ये मोदी जी के वैश्विक स्तर पर पहचान व प्रभाव का ही परिणाम है जो भारतीय पायलट 24 घंटे के अंदर सकुशल स्वदेश वापस आ सके। विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों से संपर्क स्थापित करके उनके बीच लोकप्रियता प्राप्त करके उन्हें निवेश के लिए आमंत्रित किया।
सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास ही नरेन्द्र मोदी की कार्ययोजना व सफलता का आधार है। उनकी कार्यप्रणाली सत्ताभाव न होकर सेवाभाव पर केन्द्रित है। उन्होंने पहली बार सत्ता में आते ही वीआईपी कल्चर को समाप्त कर नौकरशाही तंत्र को दुरुस्त किया ।कार्यो में निष्पक्षता बरतने व पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए तथ्यों का डिजिटलाइजेशन करना अनिवार्य किया। डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए ई-अखबार, ई-पुस्तक, ई-पुस्तकालय को प्रश्रय दिया।


जनता में सेवा भाव विकसित करने के लिए उन्होंने स्वयं को ‘प्रधान सेवक’ कहा। जनप्रतिनिधियों को ‘ममता’ और ‘समता’ युक्त कार्य व्यवहार करने के लिये प्रेरित किया। स्वच्छता व फिट इण्डिया मूवमेंट आरम्भ कर जनभागीदारी को विस्तारित किया। आज स्वच्छ भारत अभियान सरकारी कार्यक्रम न रहकर जन आन्दोलन का रूप धारण कर चुका है। घर घर शौचालय बनवाकर महिलाओं को सुरक्षा व सम्मान प्रदान किया। इसी कारण आज शौचालय इज्जतघर का नाम प्राप्त कर चुके है। फिट इंडिया अभियान देश को स्वस्थ रखकर, निश्चित ही प्रगति के पथ पर अग्रसर करेगा।
दूरस्थ गाँवो में घर घर बिजली और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गयी। गरीबों को प्रधानमन्त्री आवास योजना के अंतर्गत अपना घर दिए गए, उज्ज्वला गैस योजना के तहत महिलाओं को गैस सिलिंडर व चूल्हा देकर उन्हें बेहतर आरामदायी जीवन प्रदान किया। तीन तलाक के मुद्दे को उठाकर पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को गरिमामयी जीवन देने का प्रयास चल रहा है तथा अकेले हज करने जाने की अनुमति भी मिल गयी है। महिलाओं को सशक्त करने के लिए महिला शक्ति केंद्रों का निर्माण करके उन्हें ग्रामीण महिलाओं से जोड़ना है इसके अंतर्गत कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य सुरक्षा के अवसर प्रदान किये जाएंगे। कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा व भोजन उपलब्ध कराने के लिए वर्किंग वूमेन होस्टल खोले जा रहे हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना देश के सभी जिलों में लागू की गयी। महिला हेल्प लाइन नंबर 181 शुरू करके महिलाओं को त्वरित सहायता प्रदान की जा रही है तथा मातृत्व योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं व उनके शिशुओं के स्वास्थ्य के लिए आर्थिक सहायता देकर सशक्त किया जा रहा है। पहली बार अकेली महिला के अस्तित्व को ध्यान में रखते हुए पासपोर्ट में उसके पति या पिता के नाम की अनिवार्यता समाप्त कर दी गयी है।
युवा शक्ति को स्किल इंडिया कार्यक्रम, मेक इन इंडिया के द्वारा प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें उद्योग जगत से जोड़कर देश को विश्व शक्ति बनाने के लिए नरेन्द्र मोदी सतत प्रयासशील है। जनधन योजना के तहत गरीबों के अपने खाते खुले जिनमे बिना किसी मध्यस्थ के धनराशि पहुँच रही है। आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से गरीबों को सस्ती स्वास्थ्य सेवा प्रदान करके उन्हें नई जिंदगी देने का सार्थक प्रयास किया।

अपनी दृढ संकल्प शक्ति व साहस से असंभव माने जाने वाले कार्यों को कार्यरूप में परिणित करके प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने न सिर्फ देश अपितु वैश्विक स्तर पर अपनी अमिट पहचान बनाई है।यह विश्व राजनीति पर उनके प्रभाव का ही परिणाम है जो 12 अप्रैल 2019 को रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने मोदी को रुसी संघ के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार आर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल से पहली बार किसी भारतीय को सम्मानित किया। संयुक्त अरब अमीरात ने भी अपने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार जायद मैडल से सम्मानित किया। तथा बहरीन ने भी खाड़ी देशों के साथ मित्रता को मजबूत करने और द्विपक्षीय सम्बन्धों को बेहतर करने के लिये देश के सर्वोच्च सम्मान किंग हमाद आर्डर आफ द रेनेसा से सम्मानित किया। मोदी जी की दृढ़ इच्छा शक्ति की बदौलत आज 70 वर्षों बाद जम्मू कश्मीर सहित सम्पूर्ण भारत का एक संविधान, एक विधान तथा एक निशान बन पाया।

लेखिका काशी नारायण गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, भदोही (उत्तर प्रदेश) में एसोसिएट प्रोफ़ेसर हैं|

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लोक चेतना का राष्ट्रीय मासिक सम्पादक- किशन कालजयी

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