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उत्तरप्रदेश

दिव्यांग जनों की पारिवारिक चुनौतियां एवं समाधान पर राष्ट्रीय संगोष्ठी

 

  • शुक्ला शशिधर 

 

वाराणसी 

समता भवन, सामाजिक विज्ञान संकाय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय में “दिव्यांगजनों की पारिवारिक चुनौतियां एवं समाधान” विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य करने वाले विशेषज्ञ, चिकित्सक, मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक, परामर्शदाता, विशेष शिक्षक, शोध छात्र, विभिन्न संस्थाओं के प्रमुख तथा बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों के अभिभावक शामिल होकर चुनौतियों एवं समाधान पर चर्चा किया।

उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि माननीय डॉ नीलकंठ तिवारी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मार्थ कार्य एवं पर्यटन, उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है जिसके प्रति हमारे देश के प्रधानमंत्री अत्यंत ही संवेदनशील है तथा वे विकलांगों की समस्याओं के समाधान हेतु सदैव तत्पर रहते हैं जब से वे प्रधानमंत्री हुए हैं तब से दिव्यांग जनों के कल्याणकारी कार्यक्रमों का व्यापक स्तर पर संचालन हो रहा है । उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता डॉ कमलेश कुमार पांडेय पूर्व मुख्य विकलांगजन आयुक्त भारत सरकार ने किया। उद्घाटन समारोह में मुख्य रूप से डॉ कमलाकांत पांडेय राष्ट्रीय महासचिव सक्षम, श्री मीना चौबे सदस्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश, राजेश मिश्रा जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी ने संबोधित किया।
संगोष्ठी में कुल 6 सत्रों का आयोजन किया गया जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने विचारों को रखा तथा दिव्यांगजनों तथा उनके माता-पिता के प्रश्नों का उत्तर भी प्रदान किया। संगोष्ठी के संयोजक डॉ उत्तम ओझा सदस्य केंद्रीय सलाहकार बोर्ड दिव्यांगजन भारत सरकार ने कहा कि दिव्यांगों को सक्षम बनाना है5 ताकि वे खुद मजबूती के साथ अपनी परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम हो सके उन्होंने कई ऐसे दिव्यांगजनों का उदाहरण प्रस्तुत किया जिन्होंने अपने जीवन में अपने जुनून एवं जज्बा के बल पर मिसाल कायम किए हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रख्यात बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संजय चौरसिया जी ने कहा कि मानसिक अक्षमता के लिए अनेक कारक जिम्मेदार होते हैं जिनमें से कुछ कारक गर्भावस्था के दौरान काम करते हैं जबकि कुछ कारक प्रसव एवं प्रसव पश्चात की अवस्था में भी अपनी भूमिका अदा करते हैं यदि गर्भवती महिला इन कारकों के प्रति सतर्क रहते हुए बच्चे को जन्म दे तथा उसका देखभाल करें तो मानसिक अक्षमता में काफी कमी लाई जा सकती है डा संध्या ओझा एसोसिएट प्रोफेसर मनोविज्ञान विभाग अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज वाराणसी ने कहा कि मन के “हारे हार है मन के जीते जीत” दुनिया में वही व्यक्ति दिव्यांग है जो अपने को दिव्यांग समझ ले अन्यथा दिव्यांगता वरदान है तथा उनकी देखरेख एवं सेवा करने वाले लोग विशेष है। समाज यदि सामूहिक रूप से प्रयास करें तो दिव्यांगों को अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने का अच्छा अवसर मिलेगा और वे देश के विकास में अपना सर्वोत्तम योगदान दे सकेंगे। प्रख्यात मनोचिकित्सक एवं नई सुबह संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ अजय तिवारी ने कहा कि अब मानसिक मंदता के साथ साथ मानसिक बीमारी एवं मिर्गी को भी दिव्यांगता के श्रेणी में रखा गया है जिनके बारे में आमजनों को बहुत कम जानकारी है इसके लिए विभिन्न जिलों में कार्यक्रम करा कर लोगों को जागरूक करने की अत्यधिक आवश्यकता है। डॉ कमालुद्दीन शेख सलाहकार सदस्य उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए संचालित सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी प्रदान की तथा दिव्यांगजन उसे कैसे प्राप्त कर सकते हैं इसके बारे में भी चर्चा की। दिल्ली से आई उमा शर्मा जी ने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण में कौशल प्रशिक्षण की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा उन्हें कौन-कौन से कौशल प्रशिक्षण देकर सक्षम मनाया जाता है इसके बारे में विस्तार से चर्चा किया। आयोजन समिति के सदस्य एवं वरिष्ठ पुनर्वास मनोवैज्ञानिक डॉ मनोज तिवारी ने कहा कि पुनर्वास की प्रथम एवं सबसे बड़ी इकाई परिवार है यदि परिवार के सदस्यों को दिव्यांग बच्चों के देखभाल तथा उनमें छिपी क्षमताओं की पहचान कर विकास हेतु प्रशिक्षित कर दिया जाए तो बहुत कम खर्चे में ही दिव्यांगजन आत्मनिर्भर हो जाएंगे।


समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्री लक्ष्मण आचार्य जी सदस्य विधान परिषद एवं उपाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी सरकार दिव्यांग जनों के लिए तत्पर है उनकी समस्याओं का समाधान केंद्र एवं राज्य दोनों सरकारें तत्परता से करने के लिए तत्पर रहती है।ऐसे संगोष्ठी का आयोजन दिव्यांगजनों के स्थिति में सुधार के लिए मील का पत्थर साबित होगी । समापन कार्यक्रम में अशोक चौरसिया क्षेत्रीय महामंत्री काशी क्षेत्र भारतीय जनता पार्टी, प्रोफेसर आर एन त्रिपाठी सदस्य उच्चतर शिक्षा चयन आयोग, डॉ हरेंद्र राय सदस्य माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग, समाजशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर एके जोशी, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉक्टर आर ए जोसेफ, श्री पंकज मारू जी सलाहकार केंद्रीय सलाहकार बोर्ड दिव्यांगजन भारत सरकार, प्रोफेसर रवि प्रकाश पांडेय छात्र अधिष्ठाता महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने मुख्य रूप से संबोधित किया ।
अतिथियों का स्वागत संगोष्ठी के संयोजक अध्यक्ष एवं प्रख्यात मनोवैज्ञानिक डॉक्टर तुलसी जी ने किया तथा कार्यक्रम का संचालन डॉ सुनील मिश्र ने किया कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ यशोवर्धन, डॉ मुकेश कुमार श्रीवास्तव, डॉ मनीष मिश्रा, सुमित सिंह, नमिता सिंह,आजाद तिवारी, सत्य प्रकाश मालवीय ने योगदान दिया।