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बिहार

अंग मदद फाउंडेशन की ओर से  प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी शुभकरण चुड़ीवाला की याद में आयोजित सम्मान समारोह

 

  • कुमार कृष्णन

 

अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गांधीवादी प्रो.रामजी सिंह ने सचेत किया कि हम गांधी के विचारों को सही तरीके से अपने आचरण में जाहिर नहीं करेंगे तो यह दुनिया हमारी जीने के काविल नहीं रहेगी। उन्होंने देश दुनिया में बढ़ते प्रदूषण और इसके प्रति लापरवाही वरतने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि गांधी सिर्फ हमारे लिए नहीं बल्कि सारी दुनिया के लिए मार्गदर्शक बन गए हैं। डॉ राम जी सिंह ने कहा कि प्रथम स्वाधीनता तिलकांमाझी और प्रसिद्ध स्वाधीनता सेनानी शुभकरण चुड़ीवाला के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि  विभिन्न राज्यों के लोगों को सम्मानित कर यहां एक तरह से लघु भारत  ही उपस्थित हो गया है। उन्होंने कहा कि  गांधी जी के अपील  पर आजादी  की लड़ाई में शामिल होनेवाले शुभकरण चुड़ीवाला ने सत्ता का भोग करने की वजाय अपना जीवन अंतिम जन की भलाई में झोंक दिया था। आज की पीढ़ी ऐसे महान विभूतियों को भूलती जा रही है। उन्होंने  अंग मदद फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि आयोजन के वहाने नई पीढ़ी को सच्चे राष्ट्र नायकों के योगदान के अवगत करा रहा है।

डॉ सिंह रविवार को तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय परिसर स्थित दिनकर भवन में अंग मदद फाउंडेशन की ओर से  प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी शभकरण चुड़ीवाला की याद में आयोजित तिलकामांझी सम्मान समारोह के उद्धघाटन भाषण में बोल रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता  झारखंड माध्यमिक शिक्षा  निदेशक जटाशंकर चौधरी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ रतन मंडल, विचार सहचर के संपादक ब्रह्मेन्द्र, वैदेही फाउंडेशन के अमरनाथ झा, प्रशांत विक्रम और मैथिली भोजपुरी अकादमी दिल्ली की कार्यकारिणी के सदस्य मिथिलेश कुमार सिंह थे।

समारोह का शुभारंभ प्रवीर, ऋषभ  और मंजीत के सितार वादन और रूपाली राजहंस के गांधी जी प्रिय भजन ‘ वैष्णव जन तो तेने कहिए’ के गायन से हुई। समारोह में पड़ोसी देश नेपाल सहित देश के महाराष्ट्र, झारखंड, असम त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल दिल्ली और बिहार की 57 हस्तियों  को तिलकामांझी राष्ट्रीय  सम्मान से सम्मानित किया गया।  भागलपुर में गांधी पर व्याख्यान वरिष्ठ पत्रकार कुमार कृष्णन ने दिया। वरिष्ठ पत्रकार प्रसून लतांत ने कार्यक्रम का संचालन किया। अध्यक्षीय उद्गार व्यक्त करते हुए जटाशंकर चौधरी ने कहा कि गांधी का मतलब इंसानियत को जिंदा रखना है और उसी मार्ग पर शुभकरण चूड़ीवाला अग्रसर रहे। पत्रकार राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने तिलकामाझी के योगदान से अवगत कराया। फांउडेशन की सचिव वंदना झा और रामरतन चूड़ीवाला ने अतिथियों का स्वागत किया।

सम्मानित होनेवाली हस्तियां-

अनिल प्रकाश, पर्यावरण मुजफ्फरपुर बिहार,

अश्विनी कुमार, संपादक दैनिक जागरण, भागलपुर,

देवानंद शर्मा दिव्यांग जन की सेवा उत्तर प्रदेश,

दीपक कोचगवे, पत्रकारिता

आलोक पांडे, पत्रकारिता दिल्ली,

डॉ प्रवीण झा, शिक्षा दिल्ली,

आशुतोष कुमार सिंह, स्वास्थ्य, दिल्ली

डॉ सुधा कर्री, हिंदी सेवा, विशाखापत्तनम आंध्र प्रदेश,

हेमा म्हस्के, लेखन, पुणे महाराष्ट्र,

प्रियंबदा सिंह, पत्रकारिता, दिल्ली,

चंदन श्रीमाली, समाज सेवा, उत्तर प्रदेश,

नयन तारा, समाजसेवा, असम,

डॉ मीरा झा, साहित्य, भागलपुर बिहार,

शहजादी खातून, आसनसोल पश्चिम बंगाल,

प्रतिभा वाईकर, स्वास्थ्य, भोपाल मध्य प्रदेश,

अभिजीत, समाजसेवा, महाराष्ट्र,

मीनाक्षी झा बनर्जी, समाज सेवा, पटना बिहार

हीरा प्रसाद हरेंद्र, साहित्य, सुल्तानगंज बिहार,

शोभा तिवारी, समाज सेवा, छत्तीगढ़,

रेशमा प्रसाद, ट्रांस जेंडर समाज सेवा पटना बिहार,

मो नूर आलम, उर्दू शिक्षण, पटना, बिहार,

राजेश कुमार सुमन, पर्यावरण, रोसड़ा बिहार,

दोलन राय, साहित्य, औरंगाबाद महाराष्ट्र,

त्रिलोक प्रियदर्शी, कला, भागलपुर, बिहार,

नसीमा दिलकश, समाजसेवा, भागलपुर, बिहार,

डॉ ज्ञान तोष कुमार झा, शिक्षा, नई दिल्ली

मुशर्रफ़ परवेज, साहित्य, दरभंगा बिहार,

डॉ नवीन कुमार झा, प्राकृतिक चिकित्सा, सीतामढ़ी,बिहार

रूपम त्रिविक्रम, दूरदर्शन, पटना,बिहार,

सुबोध सागर, फोटो पत्रकारिता, मुंगेर,बिहार,

त्रिपुरारी कुमार मिश्रा, समाज सेवा, मुंगेर,बिहार,

राजेन्द्र राज, पत्रकारिता, शिक्षा, मुंगेर,बिहार,

ओमप्रकाश पोद्दार, विधिक सेवा,मुंगेर बिहार,

डॉ राशि सिन्हा,लेखन,दिल्ली,डॉ ममता धवन,लेखन व समाजसेवा,दिल्ली,

नंदा पांडे, साहित्य, झारखंड,

मंजीत सिंह, कला, दिल्ली,

मनोज पंडित, मंजूषा कला, भागलपुर ,बिहार,

स्वाराक्षी स्वरा, साहित्य, खगड़िया, बिहार,

त्रिलोकी नाथ दिवाकर, अंगिका, भागलपुर बिहार,

अरुणिमा सिंह, शिक्षा, भागलपुर बिहार,

मो जहीर अख्तर, समाजसेवा, भागलपुर,

प्रकाश चन्द्र गुप्ता, समाजसेवा, भागलपुर

संजय कुमार सुमन, पत्रकारिता, मधेपुरा,बिहार,

सुजाता कुमारी, अंगिका, भागलपुर,बिहार,

देवाशीष मजूमदार, समाजसेवा, अगरतला,त्रिपुरा,

सोनी चौधरी, गायन, दिल्ली,

मुकेश कंचन, दिव्यांग खेल, झारखंड,

सुरेन्द्र प्रसाद यादव, साहित्य, पुनसिया, बांका,बिहार,

प्रवीण जोशी, स्वास्थ्य, पुणे, महाराष्ट्र,

शशि शंकर, फोटो पत्रकार, भागलपुर,

प्रदीप वर्मा मगही, साहित्य, पटना,बिहार,

उत्तम देवनाथ, समाजसेवा, बरखा लकड़ा, झारखंड,

नंदिनी प्रणय तिलका मांझी अन्तर राष्ट्रीय सम्मान-सुभद्रा भट्टराई साहित्य नेपाल,

ऋषभ घिरिमारे साहित्य नेपाल|

 

 

लेखक स्वतन्त्र पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता हैं|

सम्पर्क- +919304706646, kkrishnanang@gmail.com

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