मध्यप्रदेश

निमाड़ महासंघ को मिली एक और सफलता खरगोन जिले में खुलेगा मेडिकल कॉलेज

 

निमाड़ महासंघ निमाड़ की बेहतरी समृद्धि और विकास के लिए समय-समय पर संघर्ष कर अनेक जन अभियान चलाते रहा है। निमाड़ महासंघ अंचल की स्वास्थ सुविधाओं को सुचारू करने के उद्देश्य से पिछले तीन-चार साल से खरगोन जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग भी करता रहा है। काबिले गौर हो कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 26 सितंबर 2019 को निर्माण भवन नई दिल्ली में मेडिकल एजुकेशन विभाग की टेक्निकल इवैल्यूएशन कमेटी की 30 वीं बैठक आयोजित की गई थी ।इस बैठक में देशभर में नए मेडिकल कॉलेज खोलने पर विचार विमर्श किया गया।

पूर्व केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमन्त्री फग्गन सिंह कुलस्ते और निमाड़ महासंघ के प्रचार प्रमुख कृष्णकांत रोकड़े

इसमें मध्य प्रदेश के गुना, बेतूल, बालाघाट ,मंडला, मंदसौर, राजगढ़ ,श्योपुर ,महेश्वर, छतरपुर एवं सिंगरौली जिला मुख्यालय में नए मेडिकल कॉलेज खोलने की स्थापना पर चर्चा हुई , सनद रहे कि निमाड़ महासंघ बीते तीन-चार साल से खरगोन जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग करता रहा है इसके लिए महासंघ के प्रमुख संजय रोकड़े के नेतृत्व में तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते को एक प्रतिनिधिमंडल ने 19 सितंबर 2016 को ज्ञापन भी सौंपा था ।इस प्रतिनिधिमंडल में महासंघ के प्रचार प्रमुख कृष्णकांत रोकड़े ,डीआर साद, एवं एस जे पगारे शामिल थे।

इस ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने तत्कालीन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मध्य प्रदेश शासन श्री रुस्तम सिंह को 24 जुलाई 2017 को एसटीएफ 607447/ 2017 क्रमांक से पत्र जारी किया था इस पत्र में श्री कुलस्ते ने निमाड़ महासंघ के ज्ञापन का हवाला देते हुए लिखा था कि खरगोन जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज खोलने की उचित कार्रवाई की जाए और इससे अवगत करवाया जाए ।इस पत्र में निमाड़ के स्वास्थ सुविधाओं की दयनीय स्थिति का भी विशेष तौर पर जिक्र किया गया था। काबिले गौर हो कि निमाड़ महासंघ को अपने संघर्षों और आंदोलनों में एक और सफलता मिली है। हालाकि निमाड़ महासंघ शुरू से ही जिला मुख्यालय खरगोन पर मेडिकल कॉलेज खोलने का पक्षधर है।
भवदीय
कृष्णकांत रोकड़े
प्रचार प्रमुख
निमाड़ महासंघ

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लोक चेतना का राष्ट्रीय मासिक सम्पादक- किशन कालजयी

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