जम्मू-कश्मीर

मोदी का मिशन 370 – रंगनाथ द्विवेदी

 

  • रंगनाथ द्विवेदी

 

“कुछ बड़ा होने वाला है”- ये पिछले एक हफ्ते से लगातार प्रिन्ट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की सुर्खी बना हुआ था| पूरा देश इस इतने बड़े कौतुहल के खत्म होने का इंतजार कर रहा था, और ये कौतुहल ऐसे खत्म होगा, किसी को उम्मीद नहीं थी| बस लोग कयास पे कयास लगा रहे थे| लेकिन कहा जाता है कि –“मोदी है तो मुमकिन है|” और ऐसा मुमकिन हुआ भी यानि “मोदी का मिशन 370″ इज सक्सेस|

5 अगस्त को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही जैसे ही गृहमंत्री अमित शाह ने धारा 370 यानि मोदी मिशन से पर्दा उठाया वैसे ही — ” पूरे देश के आत्मसंम्मान का तिरंगा 15 अगस्त से पहले ही लहरा उठा, रोया-रोया खड़ा हो गया, एक-एक धड़कन वन्दे मातरम् और भारत माता की जय से गुंजायमान हो उठा|”

जैसा कि, हम पहले से जानते है, कि भाजपा और आरएसएस का ये पहले से कहना है, कि — ” जहाँ हुये बलिदान मुखर्जी, वह कश्मीर हमारा है|” और इस बार के घोषणा पत्र में भी भाजपा ने धारा 370 को खत्म करने का वादा किया था, उस वादे पे मोदी सरकार खरी उतरी है| यानि भाजपा का नारा–” एक राज्य, एक विधान और एक निशान ” पूरा हुआ|

कश्मीर में धारा 370  अस्थायी थी| इसे अगर  पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार चाहती तो, खत्म कर सकती थी लेकिन कांग्रेस की सरकार में वे इच्छाशक्ति न थी| इसके पीछे शायद उनका ये राजनैतिक भय रहा हो, कि उनसे वोटरों का एक बड़ा तबका या मतदाता छिन जाता| लेकिन आज राज्यसभा में गृहमंत्री का ये कथन कि, इस निर्णय से हम राजनैतिक मनसुबे अलग रखते हैं|  ‘एक देश’– यहाँ अभिप्राय यह है कि, सम्पूर्ण कश्मीर से हम धारा 370 को खत्म करते हुए, मोदी की इच्छाशक्ति के तहत हम कश्मीर के नौ निर्माण की तरफ कदम बढ़ाते हैं|

यहाँ हमें अपने प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी के कार्यप्रणाली की प्रशंसा करनी होगी, जो उन्होंने कश्मीर की इतनी पुरानी व बड़ी समस्या यानि धारा 370 के निर्णय की गोपनीयता को अन्त तक बनाये रखा| इस गोपनीयता के लीक होने  का कही से भी कोई अवसर न दिया| मीडिया के लोग भी बस प्रयास ही करते रह गये, और गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कश्मीर व धारा 370 के बारे में जो बताया, वे सीधे-सीधे अचानक का बताया नहीं अपितु अध्यन का प्रतिफल जान पड़ रहा था|– “विपक्ष के कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने प्रायोजित विलाप तो किया, लेकिन वे नक्कार खाने की तूती भर रही|”

धारा 370 के खत्म करने के प्रयासों के साथ ही हम कह सकते है कि, — ” अब कश्मीर के अच्छे दिन आयेंगे|”  कश्मीर व लद्दाख को केन्द्र शासित राज्य का दर्जा दिया गया| अब वहाँ के विधानसभा का कार्यकाल छः वर्ष से घटाकर पाँच वर्ष कर दिया गया|

कश्मीर में धारा 370 को निष्प्रभावी होते ही भारत का कोई भी नागरिक वहाँ जमीन खरीद सकता है, मकान बनवा सकता है, शादी कर सकता है, पढ़ाई कर सकता है, नौकरी व खुद का उद्योग कर सकता है| यानि अब किसी भी भारतीय को अन्य राज्यों की तरह समान्य  अधिकार मिलेंगे| भारत सरकार का यह निर्णय भारत के लोकतंत्र के — ” बड़़े निर्णयों के पन्नों पर स्वर्णाक्षरों में लिखा जायेगा, वे पृष्ठ या पन्ना हमारे अक्षुण्य और बृहद लोकतंत्र के मील का पत्थर व मिथक होगा|”

कश्मीर में प्रभाव से तुरंत सैनिक टुकड़ी का बढ़या जाना, अमरनाथ यात्रा स्थगित करना, छात्रों, खिलाड़ियों, रोजगार करने वालों को कश्मीर से आपने-अपने घरों को लौट जाने की एडवाइजरी जारी की| उन्हीं घटनाओं का महबूबा मुफ्ती, फारूख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, पे असर रहा, कि वे अनाप-सनाप बोलने लगे| महबूबा मुफ्ती ने कहा, कि– “मैं प्रचण्ड बहुमत से जीत कर आऐ, नरेन्द्र मोदी से हाथ जोड़ कर कहती हूँ, जो कि इस्लाम में हराम है, कि मोदी 35A और धारा 370 से छेड़खानी न करें|” फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि– ” भारत और पाकिस्तान दोनो ही देश अमन शान्ति कायम रखें|”

इन्हीं सब घटनाओं को देखते हुए, गृहमंत्रालय को धारा 144 लगानी पड़ी, और इसी धारा के तहत रातों रात महबूबा मुफ्ती और फारुख अब्दुल्ला को नजरबंद कर दिया गया| उसी नजरबंदी के दौरान महबूबा मुफ्ती ने कहा कि,– ” आज अटल जी की बहुत याद आ रही है|”  अब 370 के निर्णय के बाद देखना है कि, कश्मीर में इन नेताओं के छुटने के बाद के हालात पर नजर होगी|

मोदी के मिशन 370 के काफी हद तक की सफलता का श्रेय, “इस 56 इंच के सीने को जाता है|”  ये दुनिया का अकाट्य सत्य है कि, — ” नपुंसक राज्य या देश अगर राष्ट्र हित में अपनी नपुंसकता का परिचय देते है, तो ये इतिहास उन्हें कभी माफ़ नहीं करता|”  हमें गर्व है कि, हमारे प्रधानमंत्री केवल फैसले ही नहीं करते अपितु वे,– ” इतने बड़े लोकतंत्र के पौरूष का एहसास कराते हैं|”  उसी पौरूष का ये परिणाम है, कि हम कह सकते हैं कि, — ” मोदी का मिशन 370″ इज सक्सेस|

 

लेखक स्वतन्त्र पत्रकार हैं|

सम्पर्क- +917800824758, rangnathdubey90@gmail.com

.

Facebook Comments
. . .
सबलोग को फेसबुक पर पढ़ने के लिए पेज लाइक करें| 

लोक चेतना का राष्ट्रीय मासिक सम्पादक- किशन कालजयी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *