हरियाणा

व्हाट्स ग्रुप ने आयोजित किया सोशल मीडिया पर सेमीनार, एमडीयू पहुंचे 100 से ज्यादा पत्रकार, हरियाणा के वित्त मंत्री और कृषि मंत्री भी हुए शामिल

 

  • रोहतक

 

जिस प्रकार आज सोशल मीडिया समाज के हर वर्ग और हर मुद्दे को प्रभावित करते हुए अपनी अलग पहचान बना रहा है इसे देखते हुए आज एमडीयू के प्रांगण में ‘सोशल मीडिया : कितना सार्थक, कितना फसादी’ विषय पर सेमीनार किया गया। जिसमें प्रमुख रूप से वित्त मंत्री कप्तान अभिमन्यु, कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ , हरियाणा के मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर अमित आर्य, आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवीन  जयहिंद, कांग्रेस के प्रवक्ता रणसिंह मान, भाजपा के प्रदेश मीडिया सह प्रभारी रणदीप घनघस , सुनारियां जेल के पुलिस कप्तान सहित अनेक प्रबुद्ध लोगों सहित प्रदेश के जाने माने पत्रकारों ने हिस्सा लिया।
सेमीनार को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि आज के दौर में सोशाल मीडिया संगठित मीडिया के समक्ष एक चुनौती बनकर उभरा है। यह एक ऐसा मंच है जहाँ कोई भी अपने विचार व्यक्त कर सकता है और सही बात का असर निश्चित तौर पर समाज में देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी पर कभी भी बंदिश नहीं लगाई जा सकती है. क्योंकि हमें अपनी बात किसी मंच पर रखने का अधिकार है। प्राचीन बैठकों के दौर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि आज समाज अथवा किसी भी अन्य विषय पर चर्चा करने का यह मंच बेहतरीन माध्यम है।

वित्त मंत्री कप्तान अभिमन्यु

कप्तान अभिमन्यु ने कहा कि सोशल मीडिया पर कोई भी खबर डालने से पहले उसकी सत्यता और माध्यम को परखना जरूरी है। आज कुछ पत्रकार साथी अपनी भूमिका स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने महाभारत के संजय का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार संजय ने अपने कार्य का धर्म निभाते हुए महाभारत का चित्रण ठीक उसी प्रकार किया जिस प्रकार युद्ध में घटनाएं घटित हो रही थीं, ठीक उसी प्रकार आज सभी मीडिया से जुड़े लोगों को भी सबसे पहले खबर और उसकी सत्यता परखते हुए सही विवरण जनता के समक्ष रखने की आवश्यकता है।

कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़

कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने इस मौके पर अपने संबोधन में कहा कि सोशल मीडिया ने आज अपना एक अलग मुकाम बनाया है. पोस्ट डालने वाले हर व्यक्ति को इस बात का भली भांति ज्ञान होता है कि वह क्या खबर डाल रहा है और इसके परिणाम क्या निकलेंगे। उन्होंने कहा कि अगर उड़ना है तो संतुलन बनाना बहुत जरूरी है और यह बात पत्रकारिता और ख़ास तौर पर सोशल मीडिया पर एक दम सटीक बैठती है। उन्होंने कहा कि कोई भी पोस्ट सार्वजनिक मंच पर डालने से पहले शब्दों का चुनाव स्वयं की छवि , और उसका समाज पर क्या प्रभाव पड़ सकता है, यह सोचने का विषय है। उन्होंने कहा कि केवल मस्ती और मजे के लिए इसका इस्तेमाल ना करते हुए आज जरुरत है कि हम अपनी जिम्मेवारी समझते हुए समाज हित में कार्य करें।

इस मौके पर सीएम मनोहर लाल के मीडिया एडवाइजर अमित आर्य ने कहा कि समाज को पत्रकारों और मीडिया जगत से अपेक्षा रहती है. इसलिए सोशल मीडिया पर कोई भी पोस्ट डालने से पहले सम्पूर्ण तथ्यों को जांच लेना चाहिए। हमें अपनी विश्वसनीयता बनाए रखते हुए देश और प्रदेश हित में कार्य करना है।
सेमीनार में नवीन जय हिन्द, रणसिंह मान , पूर्व जिला सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी आर एस दहिया, वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप साहू, प्रदीप डबास, अजय दीप लाठर सहित अनेक महानुभावों ने सोशल मीडिया से समाज पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में अपने विचार व्यक्त किये। मंच संचालन पंचकूला की पत्रकार उमंग श्योराण ने और धन्यवाद ज्ञापन नवभारत टाइम्स के अजय दीप लाठर ने किया.
इस अवसर पर रोडवेज जीएम धनराज कुंडू, वरिष्ठ पत्रकार अनूप चौधरी, प्रदीप डबास, सुजीत कुमार, अजयदीप लाठर, प्रदीप साहू, उमंग श्योराण, देवेंद्र दांगी इत्यादि उपस्थित रहे।

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लोक चेतना का राष्ट्रीय मासिक सम्पादक- किशन कालजयी

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