उत्तरप्रदेश

पत्रकारों के संघर्ष में साथ खड़ा मिलेगा महासंघ – शिवम त्रिपाठी

 

  • शिवम त्रिपाठी

 

पत्रकारों के मान सम्मान बढ़ाने और उनके संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने के संकल्प के साथ भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के मंडलीय सम्मेलन का समापन हुआ। सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। कहा गया कि तेजी से बदलते दौर में पत्रकारिता के साथ ही पत्रकारों की दशा भी बदली है। पत्रकारों को आर्थिक सामाजिक सुरक्षा जैसे कई मोर्चे पर संघर्ष करना पड़ रहा है। ठेके की पत्रकारिता ने तेजी से अपना वजूद खोया है। ऐसे में संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर प्रतापगढ़ जिले के बिहार ब्लाक मुख्यालय सभागार में भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के मंडलीय सम्मेलन का शानदार आयोजन किया गया। इसमें प्रतापगढ़ के अलावा प्रयागराज, कौशांबी समेत दूर दराज से बड़ी तादात में पत्रकार एकत्रित हुए। शिरकत करने वालों में कई वरिष्ठ पत्रकार संपादक और सूचना कार्यालय के अधिकारी रहे। खचाखच भरे सभागार में जगह कम पड़ गई। आयोजकों को कई बार बाहर से कुर्सियां मंगवानी पड़ी। प्रथम सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना, स्वागत गीत से हुआ। मुंशी प्रेमचंद के साहित्य के योगदान की चर्चा करते हुए कथा सम्राट को नमन किया गया। कवि आलोक बैरागी, राममूर्ति अज्ञ, डॉ० रामलखन चौरसिया, लवलेश यदुवंशी, राधे मोहन मिश्र मटियारी ने कविता सुनाकर माहौल बदला। विमलेश मिश्र, प्रतीक सिंह, ब्लॉक प्रमुख अनुभव यादव, अपर जिला सूचना अधिकारी सविता यादव, सहायक सूचना अधिकारी विनय सिंह ने पत्रकारों की भूमिका पर विचार रखे। द्वितीय सत्र में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुनेश्वर मिश्र ने धारदार पैनी और समाज से जुड़े सरोकारों को पत्रकारिता के लिए उपयोगी बताया। संगठन के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक डॉ० भगवान प्रसाद उपाध्याय ने पत्रकारिता से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला प्रदेश अध्यक्ष मथुरा प्रसाद धुरिया ने संगठन को और ज्यादा प्रभावी और मजबूत बनाने के लिए कई प्रस्ताव भी पेश किये। प्रांतीय संयुक्त मंत्री ज्ञान प्रकाश शुक्ला ने जन सरोकारी पत्रकारिता और प्रतापगढ़ के जिला अध्यक्ष अजय पांडे ने सम्मेलन की उपयोगिता का जिक्र किया। धीरेंद्र सिंह, गुड्डू सिंह, संजय सिंह फौजी, नीलमणि, दयापाल, राजू दुबे, दिलीप सिंह, लालमणि, ओमप्रकाश, प्रदीप शुक्ला आदि की प्रमुख भूमिका रही। कार्यक्रम का संचालन शिवा शंकर पांडे ने किया।
पत्रकारिता, समाज सेवा और काव्य क्षेत्र में विशिष्ट पहचान रखने वाले करीब पच्चीस प्रतिभाओं को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। संगठन की पत्रिका साहित्यांजलि प्रभा का विमोचन हुआ। पवनेश उपाध्याय, विनोद मिश्रा, रत्नेश शुक्ला, केपी सिंह, राम प्रसाद यादव, कुलदीप विश्वकर्मा, सुरेंद्र तिवारी सागर, देवानंद अमित मिश्र, विजय पांडे, मनोज तिवारी, अखिलेश त्रिपाठी, नीरज तिवारी, विजय राज यादव, दुर्गेश त्रिपाठी समेत अन्य कई प्रमुख पत्रकार उपस्थित रहे।

लेखक सबलोग पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के पूर्वांचल रिपोर्टर हैं|
सम्पर्क सूत्र-9415383026

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लोक चेतना का राष्ट्रीय मासिक सम्पादक- किशन कालजयी

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