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बिहार

बिहार में मिला कोयला खदान, जल्द शुरू होगी खुदाई

 

  • sablog.in डेस्क

 

सेन्ट्रल माइन्स एंड प्लानिंग डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआई) ने बिहार के मंदार पर्वत ब्लॉक में कोयले की पहली खान की तलाश की है। मंदार पर्वत ब्लॉक, बिहार में मौजूद कोयले का ग्रेड जी-12 है। कोयले के उत्पादन के लिए ड्राफ्ट प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी तैयार कर ली गयी है। सीएमपीडीआई यह दावा करती है कि बिहार राज्य का यह पहला कोयला खदान होगा। इसके साथ ही भारत के खनन मानचित्र में बिहार राज्य का नाम भी अब जुड़ जाएगा।

स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर सेन्ट्रल माइन्स एंड प्लानिंग डिजाइन इंस्टीट्यूट (सीएमपीडीआई) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएमपीडीआई के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री शेखर सरन ने यह जानकारी दी कि बिहार में भी अब कोयले का खनन होगा। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में कोयला खदान की तलाश करना हमारे टीम की बहुत बड़ी उपलब्धि है।

सीएमपीडीआई के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री शेखर सरन

सीएमपीडीआई की उपलब्धियाँ बताते हुए श्री शेखर सरन ने कहा कि वित्तीय वर्ष  2018-19 के दौरान प्रमाणित श्रेणी (प्रूव्ड कैटेगरी) में 6.6 बिलियन टन अतिरिक्त कोयला संसाधन प्रमाणित करते हुए 24 भू-वैज्ञानिक रिपोर्ट बनाए गए जो विगत वर्षों की औसत दर से काफी ऊपर है। इसके साथ ही भारत सरकार द्वारा सीएमपीडीआई को डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक इंटरप्राइजेज के प्रावधानों के अन्तर्गत मिनीरत्न (श्रेणी-1) का दर्जा दिया गया है।

 

आपको बता दें कि भागलपुर जिला के पीरपैंती व कहलगांव के 48 गांवों में भी जमीन के नीचे कोयला मिला है। 2012 से पीरपैंती के विभिन्न क्षेत्रों में सर्वे कर रहे भू वैज्ञानिकों की टीम ने केंद्र को पीरपैंती व कहलगांव में कोयले के पर्याप्त मात्रा में खनन की संभावना जताई थी| जिसपर अभी काम चल रहा है लेकिन खुदाई अभी शुरू नही हुई है|

कहलगांव से पीरपैंती के बीच 48 गाँवों में खनन का जिम्मा भारत कोकिंग कोल कंपनी लिमिटेड (बीसीसीएल) को दिया गया है और इसका काम बड़ी तेजी से हो रहा है| जमीन मालिकों को बीसीसीएल द्वारा सुचना दे दी गयी है कि वो अपनी जमीन कहीं और न बेचें, उन्हें बीसीसीएल द्वारा मुआवजा दिया जायेगा| मुआवजे की प्रक्रिया चल भी रही है| बताया जा रहा है कि जल्द से जल्द इस इलाके में खनन का कार्य शुरू होगा|

 

बीसीसीएल को वर्तमान में चार कोयला खनन ब्लॉक आवंटित किये गए हैं|  मंदार पर्वत ब्लॉक, बिहार (भागलपुर जिला), जिसमें मौजूद कोयले का ग्रेड जी-12 है| मिर्जागांव ब्लॉक, बिहार (भागलपुर जिला) जिसमे मौजूद कोयले का ग्रेड जी-14 है। पीरपैंती बराहट ब्लॉक झारखण्ड (गोड्डा जिला), जिसमे कोयले का ग्रेड जी-12 है। धुलियानार्थ झारखण्ड (गोड्डा जिला), जिसमे कोयले का ग्रेड जी-11 है।

बिहार और झारखण्ड के इन इलाकों में जल्द ही खनन का कार्य शुरू होगा| सबसे जयादा ख़ुशी की बात यह है कि बिहार में भी अब खनिज संसाधन उपलब्ध होंगे| क्यूंकि बिहार से  झारखण्ड के अलग हो जाने पर बिहार में खनिज संसाधन का कोई भी खदान नहीं बचा था|

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