Category: चर्चा में

उत्तरप्रदेशचर्चा में

गोवंश तस्कर ने पत्रकार पर किया हमला, परिजन समेत छः घायल

गोवंश तस्कर ने पत्रकार पर किया हमला,

परिजन समेत छः घायल

 

सबलोग डेस्क| यूपी में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं । योगी सरकार के लाख दावे के बावजूद कानून व्यवस्था औंधे मुँह धड़ाम पड़ी है। गो तस्करी के आरोप में चिन्हित जिस सरगना को एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) दिन रात खोजने का दावा कर रही है उसी फरारशुदा कथित तस्कर सरगना ने रविवार को पत्रकार पर जानलेवा हमला किया। शोरगुल सुनकर बचाने दौड़ी उसकी माँ, चाची और दादी को भी गम्भीर रूप से घायल कर दिया। घटना रविवार को सुबह करीब 8 बजे नवाबगंज थाना के झोखरी(आदमपुर) गांव में हुई।

घायल पत्रकार अनिकेत शुक्ला

भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ सोरांव तहसील के वरिष्ठ  उपाध्यक्ष व प्रयागराज से प्रकाशित हिंदी दैनिक कौशांबी टाइम्स का कौड़िहार संवाददाता है। घायलों को इलाज के लिये सीएचसी  अस्पताल भेजा गया। वहां  गम्भीर दशा देखकर डॉक्टरों ने उन्हें शहर स्थित एसआरएन हॉस्पिटल रेफर कर दिया।

घायलों का वहां इलाज चल रहा है, जिसमें पत्रकार की माँ कमला देवी (60) की दशा गम्भीर बतायी जा रही है। घटना की तहरीर नवाबगंज थाने में दी गयी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। देर शाम तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नही किया जा सका है।

भुक्तभोगी पत्रकार अनिकेत शुक्ला के मुताबिक, गोवंश तस्करी को लेकर खबरें लिखीं गयीं जो अखबारों में प्रकाशित हुईं। याद दिला दें कि पहली नवम्बर को एसटीएफ ने अठारह कुन्तल प्रतिबंधित गोमांस के साथ  पांच लोगों को प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र में हैप्पी होम के पास रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। पुलिस की जांच पड़ताल में चौदह अन्य लोगों को चिन्हित कर धूमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज करायी गयी। पुलिस की जाँच पड़ताल में प्रयागराज जनपद के नवाबगंज थाना क्षेत्र स्थित झोखरी(आदमपुर) निवासी योगेन्द्र नारायण शुक्ला को गिरोह के सरगना के रूप में चिन्हित किया गया। इसके अलावा गोवंश तस्करी के धंधे में संलिप्त पच्चीस पुलिस अफसरों को चिन्हित कर एसटीएफ ने शासन को रिपोर्ट भेजी। सात दिसम्बर को कौशाम्बी जनपद के कोखराज थाने के पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। इस मामले में पुलिस विभाग सहित गो तस्करी से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। सूत्रों की माने तो पत्रकार अनिकेत शुक्ला पर हमले की वारदात उसी की कड़ी है। नवाबगंज पुलिस इसे जमीन का विवाद बताकर मामले को हल्का करने की कोशिश में जुटी है। फिलहाल, इस मामले में पत्रकारों में आक्रोश देखा जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ ने आर पार की लड़ाई का एलान कर दिया है।

 

09Dec
अंतरराष्ट्रीयचर्चा मेंदेश

बड़बोले ट्रम्प और मोदी का जहाज डूबने वाला है!

विकास नारायण राय क्या राष्ट्रपति ट्रम्प और प्रधानमन्त्री मोदी, जिनके एक जैसे...

08Dec
चर्चा मेंसमाजस्त्रीकाल

हाशिए की स्त्री का संघर्ष-बेबी हालदार

जिस उम्र में  निम्नवर्गीय परिवार की बेबी ब्याह का मतलब भी नहीं जानती थी, उसे...

07Dec
चर्चा मेंदेश

लोकतंत्र सिर्फ बड़ों का “खेल” नहीं है

जावेद अनीस लोकतंत्र का मतलब केवल चुनाव, सरकार के गठन या शासन से नहीं है....

05Dec
sportsचर्चा मेंतमिलनाडुतमिलनाडुराजनीति

अम्मा की याद में तमिलनाडु सुबक रहा है…

आधुनिकता से सशक्तिकरण तक जयललिता की मृत्‍यु के बाद तमिलनाडु के परिदृश्‍य को...

WhatsApp chat